Current Date:06 Oct 2022





पुलिस अफसर सहित आधा दर्जन पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज...पढ़िए पूरी खबर

एसएचओ सहित आधा दर्जन पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज

पुलिस अफसर सहित आधा दर्जन पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज...पढ़िए पूरी खबर


उत्तर प्रदेश के चंदौली में एक जिलाबदर अपराधी के घर दबिश देने गई पुलिस टीम पर घर में मौजूद दो युवतियों के साथ मारपीट का आरोप लगा है. मारपीट के दौरान एक युवती की मौत हो गई है. मामले में एसएचओ को सस्पेंड कर दिया गया है. साथ ही एसएचओ सहित आधा दर्जन पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस भी दर्ज किया गया है.


दरअसल सैयदराजा थाना क्षेत्र के मनराजपुर गांव के रहने वाले कन्हैया यादव नाम के एक गैंगस्टर और जिलाबदर अपराधी के घर पुलिस रविवार की शाम दबिश देने गई थी. कन्हैया यादव पर पहले से अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और गुंडा एक्ट की कार्रवाई करते हुए उसे पूर्व में जिला बदर किया गया था. साथ ही साथ उसके ऊपर गैंगस्टर की कार्रवाई भी की गई थी.


क्यों दबिश देने गई थी पुलिस?


कोर्ट द्वारा कन्हैया यादव के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी हुआ था और पुलिस उसकी तलाश में रविवार की शाम उसके घर पर दबिश देने गई थी. उधर कन्हैया यादव और उनके परिजनों का आरोप है कि उस वक्त घर पर निशा और गुंजा नाम की दो बहनें ही मौजूद थी. पुलिस ने दबिश देने के दौरान पूछताछ के नाम पर दो बहनों के साथ मारपीट की. 
इससे बचने के लिए बड़ी बहन निशा पहली मंजिल पर चली गई. उसके पीछे महिला और पुलिस कांस्टेबल भी गए और उसके साथ मारपीट की. परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान निशा की मौत हो गई और पुलिसकर्मियों ने उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की. इसके बाद पुलिसकर्मी वहां से फरार हो गए.


बहन बोली- दीदी को मारकर साड़ी से लटका दिया


इस मामले में गुंजा यादव ने कहा, 'यह लोग दीदी को मारकर साड़ी से लटका दिए थे. ताकि यह साबित किया जा सके कि यह आत्महत्या है. कुछ बता नहीं रहे थे बस यह कह रहे थे कि तुम लोगों को उठवा लेंगे. गंदी गंदी गालियां दे रहे थे, तुम्हारा घर गिरवा देंगे, तुम लोगों को रोड पर ला देंगे. यही सब करते हुए मारना शुरू कर दिए.'


वहीं, कन्हैया यादव ने कहा, 'पुलिस हमको प्रताड़ित करती रहती है. 8 महीने से हमारी दुकान को बंद करवा दिया. हमारे ऊपर दो मुकदमे थे. एक 151 का था और एक बिजली विभाग का था. हमारे ऊपर गुंडा एक्ट लगा दिया. गुंडा एक्ट लगा कर जिला बदर कर दिया. उसके बाद हम हाई कोर्ट गए. हाई कोर्ट का जजमेंट अभी आना बाकी था. जब हमारा जिला बदर हुआ तो हम बनारस में जाकर रहने लगे थे. उसके बाद पुलिस हमारे घर में आकर लड़कियों के साथ मारपीट की है.'