20 लाख करोड़ के राहत पैकेज का ब्रेकअप.. जानिए वित्त मंत्री ने किया क्या ख़ास ऐलान..

hindustan path : 13-05-20 09:01:05

नई दिल्ली– वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कोविड-19 के 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज के ब्रेकअप की जानकारी देते हुए कहा, कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाज के कई हिस्सों से विस्तार से चर्चा के बाद इस पैकेज का विजन रखा था, और हमारा लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत है। यह पैकेज देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 20 करोड़ के राहत पैकेज में से MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) के लिए बड़ा ऐलान किया है. वित्त मंत्री ने कहा कि इस उद्योग के लिए 6 बड़े कदम उठाएं जाएंगे. MSME को बिना गारंटी के 3 लाख करोड़ का ऋण मिलेगा. इसका लाभ 45 लाख MSME उद्योग को होगा. 100 करोड़ वाली एमएसएमई को लोन में राहत दी जाएगी. इसकी समय सीमा 4 साल की होगी. पहले साल मूलधन नहीं चुकाना होगा.

एनपीए वाले एमएसएमई वालों को भी इसमें सुविधा दी जाएगी. यानि की लोन दिया जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि तनाव वाली एमएसएमई को 20 हजार करोड़ मिलेगा. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग जो अच्छा काम करना चाहती है. वो फंड नहीं मिलने से कुछ नहीं कर पाते थे. अब फंड मिलने से उन्हें फायदा होगा. वे अच्छा काम कर सकेंगे.

निर्मला सीतारमण के भाषण की अहम बातें

  1. संकट में फंसे एमएसएमई को 20 हजार करोड़।
  2. MSME को चार साल के लिए तीन लाख करोड़ का लोन बिना गारंटी के दिया जाएगा।
  3. एमएसएमई को राहत, एक साल तक कर चुकाने से मुक्ति।
  4. माइक्रो यूनिट में 25 हजार का निवेश तक माना जाता था अब ये निवेश 1 करोड़ तक हो सकता है, और टर्नओवर 5 करोड़ तक हो सकता है।
  5. आत्मनिर्भर भारत अब मेक इन इंडिया के तहत आगे बढ़ेगा।
  6. ज्यादा निवेश वाली कंपनियों को एमएसएमई के दायरे में ही रखा जाएगा।
  7. 200 करोड़ तक के सारे टेंडर ग्लोबल टेंडर नहीं होंगे।
  8. आकार बढ़ाने की चाहत रखने वाली एमएसएमई को फंड्स ऑफ फंड्स का प्रावधान किया गया है जिससे 50 हजार करोड़ की इक्विटी इंफ्यूजन होगी।
  9. 15 विभिन्न कदमों का जिक्र होगा जिसमें 6 माइक्रो स्मॉल मीडियम एंटरप्राइसेस के लिए कदम उठाएंगे दो कदम एमएसएमई के फाइनेंस से जुड़ा है 2 पीएफ से जुड़े हैं।
  10. एमएसएमई को ई-मार्केट से जोड़ा जाएगा।
  11. ईपीएफ के लिए दी गई सहायता अगले तीन मई के लिए बढ़ाई जा रही है. जो पहले मार्च, अप्रैल, मई तक दी गई थी।
  12. 2 हजार 500 करोड़ की मदद इसके लिए सरकार की ओर से दी जा रही है।
  13. 15 हजार से कम सैलरी वालों को सरकारी सहायता, सैलरी का 24 फीसदी सरकार पीएफ में जमा करेगी।
  14. सरकारी और पीएसयू को 12 प्रतिशत ही देना होगा. पीएसयू पीएफ का 12 फीसदी ही देंगे लेकिन कर्मचारियों को 10 प्रतिशत पीएफ देना होगा।
  15. एनबीएफसी के लिए 30 हजार करोड़ की स्कीम।
  16. डिस्कॉम को कैश फ्लो की दिक्कत हो रही है, उनके लिए 90 हजार करोड़ की सहायता तय की गई है।
  17. बिजली कंपनियों को 90 हजार करोड़ की नकदी, राज्य सरकार को देनी होगी गारंटी।

15 हजार से कम वेतन वालों का ईपीएफ सरकार देगी

72 लाख कर्मचारियों को राहत दी गई है. 15 हजार से कम वेतन वाले के खातों में ईपीएफ का पैसा सरकार डालेगी. पहले ये मार्च, अप्रैल औ मई का दिया था. इसे अब आगे बढ़ाकर जून, जुलाई, अगस्त में दिया जाएगा.

पहले 12 प्रतिशत ईपीएफ का कटता था. अब सरकार ने इसमें कटौती करते हुए इसे 10 प्रतिशत कर दिया है. इससे कंपनी और कर्मचारी दोनों को ही फायदा होगा. ये सिर्फ निजी कर्मचारी के लिए है. सरकारी कर्मचारियों का 12 प्रतिशत ही रहेगा.

1 लाख 70 हजार करोड़ के गरीब कल्याण पैकेज में 12-12 प्रतिशत भारत सरकार देगी. जिसका भुगतान सरकार ने तीन महीने कर दिया है. आगे के तीन महीन का कर दिया गया है. कर्मचारी का और कंपनी का भारत सरकार देगी. करीब 25 सौ करोड़ रुपए का लाभ मिलेगा.

3 लाख करोड़ का लोन एमएमएमई को कैसे फायदा देगा, समझिए

  1. लोन 4 साल के लिए और 100 फीसदी गारंटी फ्री है।
  2. उन उद्योगों को मिलेगा, जिनका बकाया लोन 25 करोड़ से कम हो और टर्नओवर 100 करोड़ से ज्यादा ना हो।
  3. 10 महीने तक लोन चुकाने में छूट मिलती रहेगी।
  4. 31 अक्टूबर 2020 तक ही ये लोन के लिए अप्लाई किया जा सकेगा।
  5. किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। 45 लाख एमएसएमई को मिलेगा फायदा।

महत्वपूर्ण घोषणा-

बिजली वितरण कंपनी के लिए 90 हजार करोड़ रुपए

एनबीएफसी के लिए 30 हजार करोड़ की स्कीम

सरकारी ठेकेदोरों को 6 महीने का एक्सटेंशन

कंस्ट्रक्शन कंपनी को भी 6 महीने का एक्सटेंशन

प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए 6 महीने का समय दिया गया.

सैलरी वाले को बड़ी राहत दी गई.

टीडीएस में 25 प्रतिशत की कटौती की गई.

50 हजार करोड़ का लाभ जनता को.

आईटीआर (ITR) भरने की तारीख नवंबर तक बढ़ी.



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