अधिकारियों के लापरवाही से पटना में पेयजल संकट से जूझ रहे हैं ग्रामिण

आशीष सोनी : 06-06-20 06:57:06

सड़क किनारे लगा पाईप जिसमें पानी सप्लाई नहीं होती एवं मुहल्ले के नीजी ट्यूबवेल से पानी की व्यवस्था करते ग्रामिण

>> पेयजल संकट दूर करने अधिकारी, कर्मचारी गंभीर नहीं 

>> पटना में व्याप्त पेयजल संकट दूर करने जिला प्रशासन गंभीर नहीं 

नरेश यादव    

पटना/कोरिया (6 जून 2020) पेयजल संकट दूर करने 16 महिनों से केवल बातें हो रही है, टूटे पाईप लाईन, बंद पड़े कोरिया नीर को शुरू कराने, नए पाईपलाईन का विस्तार कराने की दिशा में पंचायत प्रतिनिधियों एवं जिला प्रषासन के संबंधित अधिकारियों के द्वारा अब तक कार्य प्रारंभ नहीं किया गया जिससे पटना में पेयजल की समस्या से लोगों को निजात मिलता हुआ नहीं दिख रहा है।

कोरिया जिला जिस समय अविभाजित सरगुजा जिले के अंतर्गत आता था उन दिनों ग्राम पंचायत पटना इकलौता ऐसा पंचायत था जहां पेयजल आपूर्ति शुरू कर घर घर पानी पहुंचाने का कार्य शुरू हो गया था, जिसे देखकर अन्य ग्राम पंचायतों में भी इस तरह की व्यवस्था की गई लेकिन इन दिनों पटना में पेयजल सप्लाई की व्यवस्था पूरी तरह से चरमारा गई है, पटना के किसी भी मुहल्ले के लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है ऐसी अव्यवस्था दो चार महिनों से नहीं बल्की सालों से बनी हुई है, जिसकी सुधार के लिए पंचायत प्रतिनिधि एवं संबंधित विभाग के अधिकारी आपस में वर्षों से केवल बात कर रहे हैं, प्लान बना रहे हैं लेकिन पेयजल समस्या दूर करने के लिए वे गंभीर नहीं है जिस वजह से लोगों को पीने एवं निस्तार के लिए आसानी से पानी मिले, परेशान न होना पड़े अब तक पटना में कार्य शुरू नहीं किया गया जिससे पटना में निवासरत 5 हजार से भी अधिक लोगों के लिए पेयजल संकट बना हुआ है। 

इस तरह है पेयजल व्यवस्था के हालात - ग्राम पंचायत पटना के वार्ड नम्बर 1 चितमार पारा में पाईपलाईन विस्तार होना तो दूर पानी सप्लाई का कार्य आज तक शुरू नहीं हुआ है, बड़े झुमर पारा, छोटे झूमर पारा, आदर्श चौक, हास्पीटल कालोनी, दर्री डांड़ तक 16 महिने से पानी सप्लाई बंद है यहां के ग्रामिण मुहल्ले में जिनके घरों में ट्यूबवेल है उनके यहां से या हेन्ड़ पंप से किसी तरह पानी की व्यवस्था करते हैं, नवापारा में बस स्टैन्ड़ में लगे बोरींग से सीधे पानी सप्लाई हो रहा है, धोबीपारा में हेन्ड़ पंप में पंचायत द्वारा सम्बर सिबल पंप लगाकर मुहल्ले में पेयजल आपूर्ति किया जा रहा है। सरनापारा, इन्दिरा कालोनी, गायत्री मंदिर चौक तक पानी सप्लाई आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के बगल में स्थित ट्यूबवेल से किया जा रहा है। छोटे झुमर पारा, बड़े झुमर पारा, इंदिरा कालोनी, आदर्श चौक, यादवपारा, पाण्ड़वपारा रोड़, इमली चैक, बड़कापारा, चितमार पारा में सबसे अधिक समस्या।

पानी टंकी भरने का संसाधन भी फेल - पटना में निर्मित पानी टंकी से बड़े झुमर पारा, छोटे झूमर पारा, आदर्श चौक, हास्पीटल कालोनी, दर्री डांड़ बाजार पारा में पानी सप्लाई हो रहा था लेकिन एनएच सड़क निर्माण के समय पाईप  लाईन टूटने के बाद आदर्श चौक में मनोज अग्रवाल के घर के सामने पाईप को बंद कर दिया गया तब से केवल बाजार पारा में ही पानी सप्लाई हो रहा है,इसके बाद भी बाजार पारा में लोगों को ठीक से पानी नहीं मिल पा रहा है क्योंकि इन दिनों पानी टंकी को भरने के लिए निर्मित संसाधन भी फेल हो गया है, टंकी में पानी नहीं भरा रहा है, ट्यूबवेल में पानी कम है, स्टेट बैंक के पास पंचायत द्वारा उत्खनन कराया गया ट्यूबवेल खराब है, एक पंप से पानी टंकी में पानी नहीं चढ़ पा रहा है जिससे टंकी नहीं भर पाता है, जबकी टंकी फूल रहना चाहिए, पानी टंकी में पानी भरने के लिए एक बोर और होना चाहिए, थाना के पास के बोर को जोड़ दिया जाए तो समस्या सुधर सकती है। वहीं टंकी की सफाई भी पिछले 10 वर्षों से नहीं हो सका है। 

इसलिए यहां 16 महिनों से बंद है पेयजल आपूर्ति - नेशनल हाईवे क्रमांक 43 सड़क चैड़ीकरण एवं नाली निर्माण का कार्य के दौरान पाईपलाईन टूट गया जिससे बड़े झुमर पारा, छोटे झूमर पारा, आदर्श चौक, हास्पीटल कालोनी, दर्री डांड़ तक पानी सप्लाई 16 महिनों से बंद है, फिर से पानी सप्लाई शुरू कराने के लिए पीएचई विभाग के द्वारा टेंड़र जारी कर पाईपलाईन विस्तार कार्य अम्बिकापुर के किसी चहेते ठेकेदार को दिया गया, ठेकेदार द्वारा पाईपलाईन आधा अधूरा लगाकर छोड़ दिया गया, कोई टेस्टींग नहीं हुआ जबकी कनेक्षन करके पानी सप्लाई शुरू करा कर पंचायत को हेन्ड़ओवर करना था, पाईप लेबल के बजाए उपर नीचे कहीं 3 फीट तो कहीं 6 फिट नीचे डाला गया है बताया जा रहा है कि इस कार्य का 80 प्रतिशत बिल भी ठेकेदार आहरित कर लिया है। 

तीन में से एक कोरिया नीर चालू - पटना में पेयजल की गंभीर समस्या को देखते हुए लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पानी मिल सके इसके लिए कोरिया कलेक्टर द्वारा पटना में 3 कोरिया नीर लगाने की पहल की गई जिसमें से बाजार पारा में स्थित एक कोरिया नीर चालू है, पंचायत के सामने स्थित दूसरा कोरिया नीर पिछले ढाई साल से खराब पड़ा हुआ है, गायत्री मंदिर चौक में स्थित तीसरा कोरिया नीर बनकर तैयार है लेकिन पेयजल आपूर्ति का कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ है जिसके कारण लोगों को कोरिया नीर का भी समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। 

इस पूरे मामले में जब सरपंच गायत्री सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे अभी तीन महिना पहले ही पदभार मिला है, पटना में जल स्तर तो उपर है मगर नल जल व्यवस्था पूरी तरह से खराब है, अभी कुछ नीजी पंपों में सोलर पंप लगाकर मुहल्ले वालों को पानी दिया जा रहा है, पीएचई विभाग को चाहिए कि पटना की पानी टंकी और पाईपलाई को व्यवस्थित व सुचारू करें ताकि पंचायत का पानी घर घर तक पहुंचे उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल सड़कों के बनने से पाईप लाईनें टूट गई थी जो आज तक नहीं बने, जिसके कारण पिछले साल जल संकट गहरा गया था कई लोगों ने अपने अपने घरों में नीजी बोर भी बराए। 




add