Current Date:03 Mar 2021

बजट सत्र का पहला दिन: साइकिल से विधानसभा पहुंचने के चक्कर में कांग्रेस विधायकों का फुलने लगा दम ...फिर

आज से मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हो गई है। तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए कई कांग्रेसी नेता साइकिल चलाकर विधानसभा पहुंचे लेकिन आधे रास्ते में ही उनकी हालत खस्ता हो गई।

बजट सत्र का पहला दिन: साइकिल से विधानसभा पहुंचने के चक्कर में कांग्रेस विधायकों का फुलने लगा दम ...फिर
आज से मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हो गई है। तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए कई कांग्रेसी नेता साइकिल चलाकर विधानसभा पहुंचे लेकिन आधे रास्ते में ही उनकी हालत खस्ता हो गई। ज्यादातर विधायक बीच रास्ते में व्यापमं के पास साइकिल से उतर गए और अपनी कार से विधानसभा पहुंचे। बीच रास्ते में चढ़ाई आने की वजह से विधायकों ने साइकिल आधे रास्ते छोड़ दी थी। इसके बाद पूर्व मंत्री और विधायक पीसी शर्मा, जीतू पटवारी साइकिल से उतरकर अपने वाहन से विधानसभा पहुंचे। इसके अलावा विधायक आरिफ मसूद, कुणाल चौधरी विधानसभा तक साइकिल से पहुंचे।इसके पहले पुलिस ने पीईबी के सामने बैरिकेड्स लगाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोक दिया था और विधायकों को ही विधानसभा जाने दिया। पीसी शर्मा, जीतू पटवारी, संजय यादव, कुणाल चौधरी समेत अन्य विधायक शिवाजी नगर छह नंबर बस स्टॉप पर पहुंच गए थे। 
इससे पहले कांग्रेस ने पेट्रोल और डीजल और महंगाई बढ़ने के विरोध में शनिवार को आधे दिन का बंद बुलाया था। विधायक पीसी शर्मा ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमत करीब 100 रुपये है और रसोई गैस का सिलिंडर 800 रुपये के पार चला गया है। 
शर्मा ने कहा कि साल 2014 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 112 डॉलर प्रति बैरल थी। उस समय कांग्रेस सरकार थी और पेट्रोल के दाम 60 और डीजल 55 रुपये प्रति लीटर पर बिकता था। वहीं घरेलू गैस की कीमत 400 रुपये थी। शर्मा ने आगे कहा कि उस समय भाजपा के नेता कहते थे कि हमारी सरकार बनेगी तो पेट्रोल-डीजल सस्ता करेंगे। 
लेकिन आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 51 डॉलर प्रति बैरल है लेकिन पेट्रोल और डीजल के दाम 100 रुपये के करीब हैं। इधर जीतू पटवारी ने कहा कि देश ने बदलाव के तौर पर नरेंद्र मोदी की सरकार बनाई थी। उन्होंने 30 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल देने की बात कही थी लेकिन आज पेट्रोल 100 के पार चला गया है। 
इसके अलावा पीसी शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर सबसे ज्यादा वैट है। उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल करें, ताकि लोगों को महंगाई से थोड़ी राहत मिले।