Current Date:27 Jan 2022






बकरे का हिंदू रीति रिवाज से किया गया अंतिम संस्कार, परिवार ने आत्मा की शांति के लिए करवाया ब्राह्मण भोज

एक परिवार ने अपने बकरे की मौत के बाद उसका हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया। पशु प्रेम की यह तस्वीर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।

बकरे का हिंदू रीति रिवाज से किया गया अंतिम संस्कार, परिवार ने आत्मा की शांति के लिए करवाया ब्राह्मण भोज


उत्तरप्रदेश। कौशांबी जिले में एक परिवार ने अपने बकरे की मौत के बाद उसका हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया। पशु प्रेम की यह तस्वीर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। 

शव यात्रा के दौरान राम नाम सत्य के जयकारे भी लगाए गए। इसके अलावा बकरे की मृत आत्मा की शांति के लिए ब्राह्मण भोज का भी आयोजन किया जाएगा है। पशु प्रेम की इस कहानी को सुनकर हर कोई आश्चर्यचकित भी है।

सिराथू तहसील क्षेत्र के सयारा मीठेपुर निहालपुर गांव निवासी रामप्रकाश यादव होमगार्ड के पद पर तैनात हैं। उनकी तैनाती मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में है। उन्होंने एक बकरा पाल रखा था। बकरा घर में रहते-रहते काफी घुल मिल गया था। उसका नाम कल्लू रख दिया गया। बकरे को अपना बेटे जैसा समझकर उसका पालन-पोषण करते थे।

परिजनों को भी बकरे से काफी प्रेम हो गया था। ऐसे में वह बकरे को किसी कसाई के हाथों बेचना नहीं चाहते थे। बकरा दो दिन से बीमार चल रहा था। उसकी दवा भी कराई गई लेकिन शुक्रवार की सुबह अचानक बकरे की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई।

खुद का सिर भी मुंडवा लिया

ग्रामीणों के साथ मिलकर रामप्रकाश फिर बकरे की अंत्येष्टि की तैयारी में जुट गया। बकायदा बकरे की शव यात्रा निकाली गई। इसके बाद उसे अपने निजी खेत में ले जाकर हिंदू रीति रिवाज से अंतिम-संस्कार किया। इतना ही नहीं शुद्धिकरण के लिए उसने अपना सिर भी मुंडवा लिया और दाग भी दिया।

राम प्रकाश यादव ने बताया, एक बकरा मैंने पाल रखा था। उसका नाम कल्लू था। वह साढ़े 5 साल का था। बीच में तबीयत ज्यादा खराब नहीं हुई है, पता नहीं क्या हुआ लेकिन दो दिन के भीतर बीमारी से वह मर गया। उसको मैंने अपनी जी जान से लगाकर औलाद की तरह पाला था। हमारे पास कोई संतान नहीं है, इसलिए उसी को अपना संतान समझकर पाल लिया। हमने हिंदू-रीति रिवाज में जो होता है उसी तरह अंतिम संस्कार किया है। उसकी आत्मा की शांति के लिए मैं सब कुछ करूंगा। हमने उसको ले जाकर खेत में दफनाया। जैसे किसी आम आदमी का अंतिम संस्कार होता है उसी तरह किया है। दाग भी दिया और इसकी तेरहवीं भी करूंगा।
















Nishu Sharma
Nishu Sharma

News Editor