Current Date:24 Oct 2021





देश में कोयले की कमी नहीं होने का दावा कर रही सरकार, राज्य रो रहे कमी का रोना

देश में कोयले की कमी और बिजली संकट की आशंका को नकारने के बाद भी कई राज्‍य लगातार कोयले की आपूर्ति में कमी और बिजली संकट गहराने की बात कर रहे हैं।

देश में कोयले की कमी नहीं होने का दावा कर रही सरकार, राज्य रो रहे कमी का रोना


नई दिल्‍ली : देश में कोयले की कमी और बिजली संकट की आशंका को नकारने के बाद भी कई राज्‍य लगातार कोयले की आपूर्ति में कमी और बिजली संकट गहराने की बात कर रहे हैं। सरकार लगातार कोयले की आपूर्ति में सुधार की बात कर रही है। सरकार की तरफ से कहा गया है कि पहले के मुकाबले इस बार न केवल उत्‍पादन बढ़ा है बल्कि आपूर्ति भी बढ़ाई गई है। सरकार का ये भी कहना है कि अर्थव्‍यवस्‍था में आई तेजी की वजह से बिजली की मांग बढ़ी है। इसको देखते हुए बिजली संयंत्रों ने पहले ही अपेक्षा कहीं अधिक बिजली यूनिट का उत्‍पादन किया है। 

कोयला मंत्रालय द्वारा किए गए एक ट्वीट में बताया गया है कि मौजूदा वित्‍तीय वर्ष में करीब 15 फीसद अधिक कोयला डिस्‍पेच किया गया है। वहीं भारत कोकिंग कोल लिमिटेड ने कोयले का उत्‍पादन करीब 21.4 फीसद अधिक करने को लेकर एक ट्वीट किया है। इसके अलावा महानदी कोल फील्‍ड लिमिटेड ने भी तलचर से कोयले से भरी 62 रैक्‍स डिस्‍पेच करने को लेकर एक ट्वीट किया है। एक ट्वीट में एमसीएल ने कहा है कि उन्‍होंने करीब 5.34 लाख टन कोयला डिस्‍पेच किया है जिसमें से करीब 4.25 लाख टन कोयला बिजली संयंत्रों को भेजा गया है।

कोयला मंत्रालय की मंथली रिपोर्ट बताती है कि सितंबर 2021 में 51.70 मैट्रिक टन कोयले का उत्‍पादन किया गया था, जबकि इसी अवधि में वर्ष 2019 में ये उत्‍पादन 39.48 टन था और इसी अवधि में वर्ष 2020 में ये 38.90 मेट्रिक टन था। आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2021 में 59.80 मेट्रिक टन कोयला डिस्‍पेच किया गया था, जो कि इसी अवधि में वर्ष 2019 और 2020 की तुलना में कहीं अधिक था।

उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बिजली व्‍यवस्‍था की समीक्षा की है। सीएम की तरफ से यूपीपीसीएल के चेयरमैन को राज्‍य में बिजली संयंत्रों को पर्याप्‍त मात्रा में कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करने और सभी आवश्‍यक कदम उठाने का भी दिशा निर्देश दिया गया है।

दिल्‍ली सरकार की तरफ से कहा गया है कि पहले की अपेक्षा अब बिजली की मांग में कमी आई है। हालांकि दिल्‍ली के ऊर्जा मंत्री सतेंद्र जैन का कहना है कि इसके बावजूद भी उन्‍हें एनटीपीसी से तय कोटे से कम बिजली की आपूर्ति की जा रही है। उन्‍होंने केंद्र के उस बयान को भी खारिज किया है जिसमें बिजली संकट और कोयले की कमी न होने की बात कही गई थी।















Anjali Chandel
Anjali Chandel

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