Current Date:05 Dec 2021






शुरू होने वाला है कार्तिक का पवित्र महीना, करें तुलसी का पूजन और दान

हिंदू पंचाग का आठवां महीना कार्तिक का होता है। इस साल कार्तिक माह की शुरुआत 21 अक्टूबर 2021 से प्रारंभ हो रही है। ये 19 नंवबर तक रहेगा। स्कंद पुराण में कार्तिक मास के महत्व को विस्तार से बताया गया है।

 शुरू होने वाला है कार्तिक का पवित्र महीना, करें तुलसी का पूजन और दान


डेस्क : हिंदू पुराण के अनुसार हर माह की अपनी अलग विशेषता होती है, लेकिन कार्तिक मास की महिमा बहुत ज्यादा है। हिंदू पंचाग का आठवां महीना कार्तिक का होता है। इस साल कार्तिक माह की शुरुआत 21 अक्टूबर 2021 से प्रारंभ हो रही है। ये 19 नंवबर तक रहेगा। स्कंद पुराण में कार्तिक मास के महत्व को विस्तार से बताया गया है। उसमें कहा गया है कि कार्तिक के समान कोई माहीना नहीं है और सतयुग के समान कोई युग नहीं है। इतना ही नहीं, स्कंद पुराण में कहा गया है कि वेद के समान कोई शास्त्र नहीं और गंगा के समान कोई तीर्थ नहीं। इस महीने की काफी महत्वता है। कहते हैं कि इस मास को रोगनाशक मास भी कहा जाता है। वहीं, कार्तिक मास को सद्बुद्धि, लक्ष्मी और मुक्ति प्राप्त कराने वाला मास भी कहा जाता है।

इस महीने में पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। इस माह में किया गया पूजा-पाठ पापों से मुक्त करता है और मुक्ति के मार्ग पर ले जाता है। जानें इस महीने में क्या कार्य करने से पुण्य मिलता है। आइए जानते हैं।

ब्रह्म मुहूर्त में ही करें स्नान

कहते हैं कि कार्तिक महीने में किसी पवित्र नदी यमुना नदी में ब्रह्ममुहूर्त में स्नान करना बहुत लाभकारी होता है। इस स्नान का बहुत अधिक महत्व हैं। इस पुण्यदायी मास में महिलाएं सुबह जल्दी उठकर स्नान करती हैं। कहते हैं कि यह स्नान कुंवारी या शादीशुदा महिलाएं दोनों ही कर सकती हैं। ये दोनों के लिए विशेष शुभ माना जाता है। ग्रंथों में कहा गया है कि अगर आप नदी के जल में स्नान करने में असमर्थ हैं तो नहाने के पानी में किसी पवित्र नदी का जल मिलाकर भी स्नान किया जा सकता है।

जरूर करें तुलसी पूजन

हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को पवित्र माना गया है। तुलसी पूजा वैसे तो पूरे साल ही की जाती है और शुभ होता है, लेकिन कार्तिक मास में तुलसी की आराधना का विशेष महत्व है। इतना ही नहीं, आयुर्वेद में तुलसी को रोगहर भी कहा गया है। कहते हैं कि तुलसी यमदूतों के भय से मुक्ति प्रदान करती है। पुराणों में कहा गया है कि कार्तिक मास में लगातार एक महीने तक तुलसी के सामने दीपदान करने पर अत्यधिक पुण्य की प्राप्ति होती है।

दीपदान का है बहुत महत्व

कहते हैं इस पूरे मास प्रतिदिन किसी पवित्र नदी, तीर्थ स्थल, मंदिर, फिर घर में रखी हुई तुलसी के पास दीपदान करना चाहिए। इसका बहुत अधिक महत्व है। बताया गया है कि दीपदान शरद पूर्णिमा से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक नियमित रूप से किया जाता है। कहते हैं कि दीपदान से घर का ही नहीं बल्कि जीवन का अंधेरा भी दूर हो जाता है और मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर घर को धन-धान्य से भर देती हैं।

इन चीजों के दान का है महत्व

कार्तिक मास में कुछ चीजों के दान का विशेष महत्व होता है। कहते हैं कि पूरे महीने किसी ब्राह्मण या फिर जरूरतमंद को दान देने से बहुत पुण्य फल मिलता है। इस महीने में तुलसी दान, अन्न दान, गाय दान और आंवले का पौधा दान करने का विशेष महत्व है।















Anjali Chandel
Anjali Chandel

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