Current Date:11 Apr 2021

मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति ही कह सकता है किसानों को विध्वंसक - रामगोविंद चौधरी

तीनों कृषि कानून लागू हुए तो किसान अपने ही खेत में गुलाम बनकर रह जाएगा - रामगोविंद चौधरी

मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति ही कह सकता है किसानों को विध्वंसक - रामगोविंद चौधरी
हिन्दुस्तानपथ न्यूज
शुरू हो गई है अम्बानी अडानी सरकार की उल्टी गिनती,
बलिया ब्यूरो:- उत्तर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि तीनों कृषि कानून लागू हो गए इस देश का किसान अपने ही खेत में गुलाम बनकर रह जाएगा। किसान भाइयों ! इस गुलामी को किसी कीमत पर स्वीकार नहीं करना है। शुक्रवार को बाँसडीह विधानसभा क्षेत्र के महराजपुर में आयोजित किसान पंचायत में उत्तर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि इन तीनों कृषि कानूनों का कुल एक लक्ष्य है, देश की खेती बारी और किसानी को 
अम्बानी और अडानी के हाथों सौंप देना। इसे रोकने के लिए दो सौ किसान शहीद हो चुके हैं, लाखों किसान धरना दे रहे हैं लेकिन सरकार के कान पर जू नहीं रेंग रहा है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर अम्बानी अडानी सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। इसकी वजह से सरकार के पहरेदारों के होश उड़े हुए हैं। इसीलिए ये लोग अनाप शनाप बक रहे हैं और किसानों को भी विध्वंसक कहने से बाज नहीं आ रहे हैं। 
उतर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि किसान केवल अपना नहीं, सबका पालक है। इस सच से सभी वाकिफ हैं।इसके बाद भी कोई उसे विध्वंसक कहे तो उसे मानसिक रूप से बीमार कहना ही उचित है।
उन्होंने कहा कि किसानी इस देश की रीढ़ है। सरकार में बैठे लोग भी जानते हैं कि किसानी को कमजोर करने का मतलब देश को कमजोर करना है। फिर भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि केवल कमजोर करते तो भी किसी तरह काम चल जाता लेकिन यह लोग तो सबकुछ अम्बानी अडानी के हाथ सौंप देना चाहते हैं। अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी सरकार की सरकार की इस साजिश को किसी कीमत पर सफल नहीं होने देगी।
 उक्त जानकारी देते हुए सपा प्रवक्ता सुशील पाण्डेय"कान्हजी"ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने सीधे सीधे कहा कि समाजवादी पार्टी और हमारे नेता अखिलेश यादव पहले भी किसानों के साथ खड़े थे और आज भी खड़े है और आगे भी खड़े रहेंगें।यह किसान आंदोलन अब जन आंदोलन में तब्दील हो रहा है।
पंकज तिवारी
पंकज तिवारी

Uttar pardesh Editor