Current Date:25 Sep 2021





उपेक्षा के कारण पटना अब तक नहीं बना नगर पंचायत

पटना को नगर पंचायत बनाने की फिर उठी मांग, नगर पंचायत के अनुरूप समुचित सुविधाऐं होने के बाद भी नहीं बन पाया नगर पंचायत

उपेक्षा के कारण पटना अब तक नहीं बना नगर पंचायत


बैकुन्ठपुर (कोरिया) जिले के पटना को नगर पंचायत बनाने की उठी मांग, नगर पंचायत के अनुरूप समुचित सुविधाऐं होने के बाद भी नहीं बन पाया नगर पंचायत। वर्ष 2011 से जनप्रतिनिधि मांग करते आ रहे हैं मगर अभी तक पटना नहीं बना नगर पंचायत

जिले के बैकुन्ठपुर विकासखण्ड़ के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पटना में नगर पंचायतों के अनुरूप समुचित सुविधाऐं हैं इसके बाद भी अब तक पटना को नगर पंचायत नहीं बनाया गया जबकी क्षेत्र जनप्रतिनिधियों व प्रबुद्वजनों के द्वारा समय समय पर पटना को नगर पंचायत बनाए जाने की मांग की जाती रही है। पटना को तहसील बनाए जाने की दो दशक पुरानी मांग दो दिन पहले पूरी हुई है अब एक और पुरानी मांग जो लम्बे अर्से से चली आ रही है उसे पूरा करने के लिए जनप्रतिनिधि लामबद्व हो रहे हैं।

कांग्रेस सहित भाजपा, व्यापारियों, समाज सेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों ने बताया कि नगर पंचायत के दर्जे से ज्यादा पटना में सुविधाऐं हैं और यहां की जनसंख्या लगभग 6500 है और स्थानिय प्रशासन से आय के स्रोत में बाजार फीस सालाना 4 लाख, तालाब फीस 2 लाख, जल प्रदाय कर 2.5 लाख, पशु पंजीयन शुल्क 1 लाख, व्यवसायिक परिसर किराया लगभग 4 लाख इसके अलावा व्यवसाय, प्रकाश, सफाई, भवन व संपत्ती कर भी है, कृषि से इन क्रियाकलापों में ग्राम पटना में दो बड़ी राईस मील, मीनी राईस मील, एक पेट्रोल पंप, गायत्री भारत गैस एजेन्शी इसी प्रकार, वैल्ड़ीग, कपड़ा, किराना, फर्नीचर, मनीहारी, इलेक्ट्रानिकक्स, साईकिल दुकान, मोटर साईकिल शो रूम, आटा चक्की, बड़े होटल, नाई, धोबी, दर्जी, फोटो कापी स्टेशनरी की काफी दुकानें संचालित है। 

ग्राम पंचायत पटना नेशनल हाईवे क्रमांक 43 पर स्थित है यहां पर कोरिया जिला मुख्यालय 14 किमी दूर है जो सीधे एनएच से जुड़ा हुआ है यहां एक रेल्वे स्टेशन भी है, पुलिस थाना व तहसील का दर्जा प्राप्त ग्राम पंचायत है यहां एक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जिसमें डाक्टर, कर्मचारी पर्याप्त है, पशु चिकित्सालय व वन विभाग का रेंज आफिस भी संचालित है। इस गांव में 2.25 लाख लीटर क्षमता वाली पानी टंकी स्थापित है तथा कई मुहल्लों में नलकूप है, 20 वार्ड हैं सभी में जल प्रदाय की सुविधा है, 100 से भी अधिक हेन्ड़ पंप हैं व लगभग 20 शासकिय तालाब हैं। ग्राम पंचायत पटना में पं. ज्वाला प्रसाद उपाध्याय शासकिय महाविद्यालय, कन्या एवं बालक हायर सेकेन्ड़री स्कुल अलग अलग स्थानों पर संचालित है, 5 प्राथमिक शाला, 10 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित है, कृषि विभाग सहित सभी विभाग के कर्मचारियों का मुख्यालय भी यहां है। डाक घर, विद्युत्त मंड़ल का सब स्टेशन और पर्यटन विभाग का एक मोटल भी है, बस स्टैन्ड़, एयर टेल, बीएसएनएल, आईड़िया, वोड़ाफोन, जियो मोबाईल टावर भी है, ग्राम पंचायत का खुद का बड़ा भवन है जहां गार्डन युक्त परिसर है और पंचायत में पर्याप्त फर्नीचर है। यहां की व्यवसायिक स्थिति भी सुदृढ है यहां पर दैनिक बाजार के अलावा 2 साप्ताहिक बाजार भी लगते हैं, कोरिया जिले का सबसे बड़ा व्यवसायिक केन्द्र भी है, एक आदिम जाति सेवा सहाकारी समिति है, भारतीय स्टेट बैंक, छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय ग्रामिण बैंक, बड़े शहरों में आने जाने के लिए रेल व बस सेवा की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध है इस दृष्टि से पटना को नगर पंचायत बनाया जाना चाहिए। 

फिर से उठाई इन्होंने ने पटना को नगर पंचायत बनाए जाने की मांग- प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव योगेश शुक्ला, जिला पंचायत उपाध्यक्ष वेदान्ती तिवारी, पटना सरपंच गायत्री देवी सिंह, पूर्व सरपंच राकेश प्रताप सिंह, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष जवाहर लाल गुप्ता, रविशंकर शर्मा, विनोद शर्मा, बिहारी लाल राजवाड़े, अंजुमन कमेटी के गुड्डन खान व पटना के कई व्यापारियों ने ग्राम पंचायत पटना को नगर पंचायत बनाए जाने की मांग शासन प्रशासन से की है।




Naresh Kumar Yadav
Naresh Kumar Yadav

Hindustan path Media