Current Date:24 Oct 2021





आज महागौरी का दिन, जाने माँ की पूजन-विधि

शारदीय नवरात्रि के दौरान पड़ने वाली अष्टमी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। 13 अक्टूबर को महाअष्टमी मनाई जा रही है।

आज महागौरी का दिन, जाने माँ की पूजन-विधि


डेस्क : शारदीय नवरात्रि के दौरान पड़ने वाली अष्टमी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। 13 अक्टूबर को महाअष्टमी मनाई जा रही है। अष्टमी तिथि को मां के आठवें स्वरुप महागौरी माता के पूजन का विधान है। बता दें नवरात्रि की अष्टमी तिथि को महाअष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। 

देवीभागवत पुराण के अनुसार, मां के नौ रूप और 10 महाविद्याएं सभी आदिशक्ति के अंश और स्वरूप हैं, लेकिन भगवान शिव के साथ उनकी अर्धांगिनी के रूप में महागौरी सदैव विराजमान रहती हैं। पुराण के अनुसार, महागौरी वर्ण पूर्ण रूप से गौर अर्थात सफेद हैं और इनके वस्त्र व आभूषण भी सफेद रंग के हैं। मां का वाहन वृषभ अर्थात बैल है। मां के दाहिना हाथ अभयमुद्रा में है और नीचे वाला हाथ में दुर्गा शक्ति का प्रतीक त्रिशुल है। 

महागौरी के बाएं हाथ के ऊपर वाले हाथ में शिव का प्रतीक डमरू है। डमरू धारण करने के कारण इन्हें शिवा भी कहा जाता है। मां के नीचे वाला हाथ अपने भक्तों को अभय देता हुआ वरमुद्रा में है। महागौरी रूप में माता अपने हर भक्त का कल्याण करती हैं और उनको समस्याओं से मुक्त करती हैं, जो व्यक्ति किन्हीं कारणों से नौ दिन तक उपवास नहीं रख पाते हैं, उनके लिए नवरात्र में प्रतिपदा और अष्टमी तिथि को व्रत रखने का विधान है। इससे नौ दिन व्रत रखने के समान फल मिलता है। नवरात्र की अष्टमी तिथि को कई लोग हवन करते है व कन्या पूजन कर अपना व्रत खोलते हैं।















Anjali Chandel
Anjali Chandel

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