Current Date:13 Jun 2021


कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को अवैध रूप से गोद लेने पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता, राज्य सरकारों को दिए कड़े निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों को अवैध रूप से गोद लेने पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकारों तथा केंद्रशासित प्रदेशों को आदेश दिया है

कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को अवैध रूप से गोद लेने पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता, राज्य सरकारों को दिए कड़े निर्देश
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों को अवैध रूप से गोद लेने पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकारों तथा केंद्रशासित प्रदेशों को आदेश दिया है कि वे उन एनजीओ पर कार्रवाई करें जो अवैध रूप से बच्चों को गोद ले रहे हैं। 

जस्टिस एल नागेश्वर राव की पीठ ने आदेश में कहा कि जेजे एक्ट, 2015 के प्रावधानों के अलावा किसी और तरीके से बच्चों को गोद लेने से रोका जाए। कोर्ट ने कहा कि बच्चों को गोद लेने के लिए आमंत्रण देना अवैध है और उन्हें कारा- सेंट्रल अडॉप्शन कंट्रोल अथॉरिटी, को शामिल कर गोद लिया जा सकता है। इस गैरकानूनी काम में शामिल एनजीओ, एजेंसियों और व्यक्तियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएं।

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कोर्ट ने सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को आदेश दिया कि वे ध्यान रखें कि कोविड से अनाथ या बेसहारा हुए बच्चों की शिक्षा का कार्य प्रभावित न हो। कोर्ट ने कहा कि जो बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हैं उनकी शिक्षा वहां जारी रखी जाए। जो नजी स्कूलों में थे, उन्हें सरकार देखे कि कम से कम छह माह तक उन्हीं स्कूलों में पढ़ाई जारी रखने दी जाए और इस बीच उनके लिए कोई रास्ता खोला जाए।

अब तक 30,071 बच्चे बेसहारा हुए

कोविड के कारण देश भर में अब तक 30,071 बच्चे बेसहारा हुए हैं। इनमें से 15620 बालक और 14447 बच्चियां हैं जिनकी उम्र एक माह से लेकर 18 वर्ष तक है। इन बच्चों के या तो दोनों माता पिता कोविड से मर गए हैं या माता-पिता में से एक की मृत्यु हुई है। इनमें 274 बच्चे सड़कों पर छूटे हुए मिले हैं। एनसीपीसीआर ने कोर्ट में शपथ पत्र दायर कर कहा है कि 6 जून तक कोविड से अनाथ होने वाले बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में 7084 और उसके बाद उत्तर प्रदेश 3172 में है। वहीं उत्तराखंड में 511, दिल्ली में 17, बिहार में 1634 और झारखंड में 217 बच्चे बेसहारा हुए हैं।
Nishu Sharma
Nishu Sharma

News Editor