Current Date:08 Aug 2022





उत्तराखंड में बोले पीएम मोदी, कुछ पार्टियों को केवल अपना वोटबैंक ही नजर आता है

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज उत्‍तराखंड को विकास की नई ऊंचाईयों पर ले जाने के लिए कई बड़ी योजनाओं की शुरुआत की है।

उत्तराखंड में बोले पीएम मोदी, कुछ पार्टियों को केवल अपना वोटबैंक ही नजर आता है


देहरादून : पीएम नरेंद्र मोदी ने आज उत्‍तराखंड को विकास की नई ऊंचाईयों पर ले जाने के लिए कई बड़ी योजनाओं की शुरुआत की है। उन्‍होंने 18 हजार करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्‍यास किया। इस दौरान जिस विशाल रैली को वो संबोधित कर रहे हैं उसको विजय संकल्‍प रैली का नाम दिया गया है। इस रैली के जरिए  पीएम मोदी यहां पर पार्टी का चुनावी शंखनाद भी कर रहे हैं। 

इससे पहले उन्‍होंने एक ट्वीट कर कहा था कि:- देवभूमि उत्तराखंड की विकास यात्रा में कल एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ेगा। देहरादून में दोपहर 1 बजे मुझे 18 हजार करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास का सौभाग्य प्राप्त होगा। इनमें दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा समेत कई प्रोजेक्ट शामिल हैं।

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इस दौरान पीएम मोदी ने कविता की कुछ पक्तियां भी सुनाई

                              

पवन बहे संकल्प लिए, जहां पर्वत गर्व सिखाते हैं,

जहां ऊंचे-नीचे सब रस्ते, बस भक्ति के सुर में गाते हैं

 उस देवभूमि के ध्यान से ही, उस देव भूमि के ध्यान से ही

  मैं सदा धन्य हो जाता हूं, है भाग्य मेरा, सौभाग्य मेरा,

  मैं तुमको शीश नवाता हूं

3:01 PM आने वाले 5 वर्ष उत्तराखंड को रजत जयंती की तरफ ले जाने ले हैं। ऐसा कोई लक्ष्य नहीं है, जो उत्तराखंड हासिल नहीं कर सकता। ऐसा कोई संकल्प नहीं है, जो इस देवभूमि में सिद्ध नहीं हो सकता। उत्तराखंड में अब होम-स्टे लगभग हर गांव में पहुंच चुके हैं। लोग बहुत सफलता से यहां होम-स्टे चला रहे हैं। उत्तराखंड होम-स्टे बनाने में, सुविधाओं के विस्तार में पूरे देश को दिशा दिखा सकता है। इस तरह के परिवर्तन उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाएंगे।


2:53PM हमने कहा कि जो भी योजनाएं लाएंगे सबके लिए लाएंगे, बिना भेदभाव के लाएंगे। हमने वोटबैंक की राजनीति को आधार नहीं बनाया बल्कि लोगों की सेवा को प्राथमिकता दी। हमारी अप्रोच रही कि देश को मजबूती देनी है। देश के सामान्य मानवी का स्वाभिमान, उसका गौरव सोची-समझी रणनीति के तहत कुचल दिया गया, उसे आश्रित बना दिया गया।लेकिन इस अप्रोच से अलग हमने अलग रास्ता चुना है। वो मार्ग कठिन है, लेकिन देशहित में है।















Anjali Chandel
Anjali Chandel

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