Current Date:05 Dec 2021






हाईकोर्ट ने कहा - पीड़िता का चरित्र ठीक नहीं यह कहकर रेप के आरोपी को नही छोड़ा जा सकता

हाईकोर्ट ने रेप के एक मामले पर अपना फैसला सुनाते हुए कहा है कि रेप के आरोपी को इसलिए छोड़ा नहीं जा सकता क्योंकि पीड़िता सेक्स की आदि थी या फिर चरित्र ठीक नहीं था।

हाईकोर्ट ने कहा - पीड़िता का चरित्र ठीक नहीं यह कहकर रेप के आरोपी को नही छोड़ा जा सकता


केरल। केरल हाईकोर्ट ने रेप के एक मामले पर अपना फैसला सुनाते हुए कहा है कि रेप के आरोपी को इसलिए छोड़ा नहीं जा सकता क्योंकि पीड़िता सेक्स की आदि थी या फिर चरित्र ठीक नहीं था।

अदालत ने मामले की सुनाई करते हुए कहा कि एक पिता द्वारा अपनी ही बेटी के साथ बलात्कार करने से बड़ा और जघन्य अपराध कोई नहीं हो सकता। अपनी 16 साल की बेटी के साथ बलात्कार कर उसे गर्भवती करने वाले पिता को दोषी करार देते हुए जस्टिस आर नारायण ने कहा कि बलात्कार पीड़िता की गवाही की विश्वसनीयता इस बात से प्रभावित नहीं होगी कि उसने किसी अन्य व्यक्ति के के साथ यौन संबंध बनाए हैं। आरोपी की ओर से दलील दी गई है कि पीड़िता ने किसी और के साथ संबंध बनाए थे।

आरोपी की दलील को खारिज करते हुए, अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अगर किसी लड़की का चरित्र खराब है या उसे यौन संबंध बनाने की आदत है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि रेप के आरोपी को छोड़ दिया जाए। अगर यह मान भी लिया जाए कि पीड़िता पहले यौन संबंध बना चुकी है, तो यह निर्णायक सवाल नहीं है। इसके उलट सवाल यह है कि क्या आरोपी ने पीड़िता के साथ रेप किया है, यह ट्रायल आरोपी का है, पीड़िता का नहीं।















Nishu Sharma
Nishu Sharma

News Editor