कूड़ा चुनकर जुटाए 10 लाख रुपये, फिर खरीदी जमीन और बनवा दी अपनी प्रतिमा

Hindustan Path : 21-09-20 02:50:09

नई दिल्ली. कहते हैं जो सपने देखता है, उसके सपने एक दिन जरूर पूरे होते हैं. एक ऐसा ही कहावत को हकिकत कर दिखाया है  तमिलनाडु के सलेम जिले के अथानुपट्टी गांव में रहने वाले 60 साल के ए नल्लथम्बी ने भी देखा था. हालात से मजबूर नल्लथम्बी पिछले 20 साल से कूड़ा बीनने का काम कर रहे हैं. नल्लथम्बी का सपना था कि वह अपनी एक प्रतिमा बनवाएं और दुनिया के सामने एक खबर बनें. नल्लथम्बी का सपना अब पूरा हो गया है और उन्होंने अपनी प्रतिमा बनाकर अपनी खरीदी हुई जमीन पर लगा भी दी है

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नल्लथम्बी ने 20 साल तक कूड़ा बीनने का काम किया और थोड़ा थोड़ा पैसा बचाकर 10 लाख रुपये इकट्ठे कर लिए. इसके बाद उन्होंने गांव में ही एक जमीन का टुकड़ा खरीदा और उसमें 5 फुट की अपनी पत्थर की प्रतिमा लगाई. नल्ल्थम्बी ने बताया कि जब वह काफी छोटे थे उनका सपना था कि वो काफी नाम कमाएं और सड़क पर जिस तरह महापुरुषों की प्रतिमा लगी होती है वैसी ही उनकी भी लगी हो. नल्लथंबी पहले राजमिस्त्री के तौर पर काम करते थे लेकिन बीस साल पहले घर में झगड़े के बाद वह घर से अलग हो गए.

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नल्लथम्बी ने घर तो छोड़ दिया लेकिन उनका सपना उनसे नहीं छूटा. नल्लथम्बी ने दिन रात एक कर पैसे बचाए और 60 साल की उम्र तक आते आते 11 लाख रुपये इकट्ठे कर लिए. इस रुपये में से 10 लाख से उन्होंने वझापाड़ी-बेलूर गांव रोड पर दो प्लॉट (1200 स्क्वायर फीट के) खरीदे. इसके बाद उन्होंने एक लाख रुपये देकर स्थानीय मूर्तिकार से अपनी एक प्रतिमा बनवाई और उसे उसी प्लॉट पर लगाया. बता दें कि कूड़ा बीनकर वह रोजाना 300 रुपये तक कमा लेते हैं.




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