राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़े-बड़े गढ्ढे, लोगों के लिए आवागमन हुआ दूभर

Ranjana Pandey : 23-09-20 08:06:09

अंबिकापुर :रामानुजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 343 में रामानुजगंज से राजपुर तक की सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और उनमें जमा पानी डबरी के समान नजर आने लगा है। बरसात का बहाना बनाकर मरम्मत कार्य की ओर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। पूर्व में स्वीकृत राशि खर्च हो चुकी है। सड़क पर चलना अब कष्टप्रद हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग का नवनिर्माण व चौड़ीकरण में वक़्त लगना तय है, लेकिन गड्ढों को भी नहीं भरने से वाहन दौड़ने के बजाय रेंग रहे प्रतिदिन दुर्घटनाएं भी हो रही हैं वही सफर भी बहुत मुश्किल भरा है। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के रवैय्ये से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है जो कभी भी आंदोलन का स्वरूप ले सकता है।नेशनल हाईवे 343 में रामानुजगंज से राजपुर के बीच अनगिनत गड्ढे हो गए हैं जिनमें वाहनों का आना जाना बहुत ही मुश्किल हो रहा है। खासकर छोटे वाहनों को तो आने जाने में ज्यादा परेशानियां हो रही है। परेशानी तब और बढ़ जाती है जब सड़क में पानी जमा हो जाता है ऐसे में चालकों को अंदाज लगाना मुश्किलहो जाता है कि सड़क पर कितना गड्ढा है जिस कारण गाड़ियां काफी धीरे धीरे चलती हैं वहीं दुर्घटना की संभावना भी ज्यादा हो जाती है। एक और जहां नेशनल हाईवे 343 के गड्ढे और बड़े होते जा रहे हैं वहीं विभाग के अधिकारी इसे भरवाना तो दूर देखने तक की जहमत नहीं उठा पा रहे हैं जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।राजपुर से बलरामपुर के बीच में सबसे अधिक गड्ढा- रामानुजगंज से बलरामपुर के बीच तो बड़े-बड़े गड्ढे हैं ही वही सबसे अधिक परेशानी बलरामपुर से राजपुर आने जाने में होती है सबसे अधिक गड्ढे राजपुर एवं बलरामपुर के बीच में है। राजपुर से बलरामपुर तक का सफर बहुत ही मुश्किल भरा है।मुख्यमंत्री का निर्देश भी बेअसर छत्तीसगढ़ में सीएम भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार के गठन के बाद जब उनका बलरामपुर- रामानुजगंज जिले में तातापानी प्रवास हुआ था तब उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग की दुर्दशा को देखते हुए विभाग के अधिकारियों को एक माह के अंदर सड़क को दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे, परंतु एक वर्ष बीत जाने के बाद भी अधिकारियों ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया।बरसात के बाद मरम्मत का दे रहे आश्वासन सड़क मरम्मत के नाम पर सिर्फ क्रशर डस्ट और गिट्टी का मिश्रण सड़क पर डाल दिया जा रहा है। भारी वाहनों से यह व्यवस्था नहीं टिक पा रही है। अब अधिकारी दलील दे रहे हैं कि बरसात के बाद सड़क मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। नए सिरे से निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।




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