बड़ी खबर:पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा तिरंगे को लेकर दिए गए बयान पर मचा बवाल...जानिए पूरा मामला

Ranjana Pandey : 26-10-20 01:54:10

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती द्वारा तिरंगे को लेकर दिए गए बयान पर बवाल मचा हुआ है. भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को जम्मू और कश्मीर क्षेत्र में तिरंगा रैली निकाली और पीडीपी नेता के बयान का विरोध किया.श्रीनगर में टैगोर हॉल से लेकर शेर ए कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशनल सेंटर तक बीजेपी कार्यकर्ताओं ने तिरंगा रैली निकाली. तो वहीं, जम्मू में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रविंदर रैना की अगुवाई में कई स्थानों पर तिरंगा रैली निकाली गई.सोमवार सुबह श्रीनगर में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने श्रीनगर में महबूबा मुफ्ती के खिलाफ प्रदर्शन किया. कुपवाड़ा के बीजेपी कार्यकर्ता श्रीनगर की मशहूर लाल चौक पहुंचे और तिरंगा फहराने की कोशिश की.लाल चौक के क्लॉक टावर पर कुपवाड़ा के बीजेपी कार्यकर्ता पहुंचे, हालांकि पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया. चार बीजेपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया. 

बीजेपी की ओर से सोमवार को जम्मू क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में तिरंगा रैली निकाली गई.इससे इतर जम्मू में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पीडीपी कार्यालय पर तिरंगा फहराया और भारत माता की जय के नारे लगाए. इससे पहले रविवार को भी एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने जम्मू में पीडीपी के कार्यालय के बाहर नारेबाजी की थी. पीडीपी के दफ्तर के बाहर तिरंगा फहराया गया, नारेबाजी की गई. बता दें कि ABVP, बीजेपी से जुड़ा ही एक छात्र संगठन है.
दरअसल, पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती हाल ही में नज़रबंदी से रिहा की गई हैं. जिसके बाद से घाटी में राजनीतिक हलचल बढ़ी है. महबूबा मुफ्ती ने हाल ही में एक बयान दिया था, जिसपर काफी बवाल हुआ.
महबूबा मुफ्ती ने कहा था, ‘मैं जम्मू-कश्मीर के अलावा दूसरा कोई झंडा नहीं उठाऊंगी. जिस वक्त हमारा ये झंडा वापस आएगा, हम उस (तिरंगा) झंडे को भी उठा लेंगे. मगर जब तक हमारा अपना झंडा, जिसे डाकुओं ने डाके में ले लिया है, तब तक हम किसी और झंडे को हाथ में नहीं उठाएंगे. वो झंडा हमारे आईन का हिस्सा है, हमारा झंडा तो ये है. उस झंडे से हमारा रिश्ता इस झंडे ने बनाया है.’
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस समेत कई पार्टियों ने मिलकर एक बार फिर अनुच्छेद 370 को वापस लाने की मांग बुलंद की है. पार्टियों की ओर से एक गठबंधन बनाया गया है, गुपकार समझौता किया गया है. जिसका मकसद दोबारा 370 को वापस लागू करवाना है.    




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