शराब ठेके के सेल्समैन को जिंदा जलाकर उतारा मौत के घाट...दलित समाज में आक्रोश...आंदोलन की चेतावनी

Hindustan Path : 26-10-20 03:37:10

राजस्थान के अलवर में एक शराब दुकान के सेल्समैन को जिंदा जला देने का मामला सामने आया है , आपको बता दें की अभी  करौली के पुजारी हत्याकांड का मामला शांत भी नहीं हुआ हैै की एक और ऐसे मामले सामने आ गए.   दरअसल अब नया मामला अलवर जिले के खैरथल थाना इलाके में एक दलित शराब सेल्समैन  को कथित रूप से पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जला देने का है .  घटना के बाद दलित समाज में जबर्दस्त आक्रोश फैला हुआ है और समुदाय के लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी है. शराब ठेकेदार सुभाष और राकेश यादव फरार हैं. पुलिस का कहना है कि मौके पर एफएसएल टीम बुलाकर जांच कराई जाएगी. मामले में और साक्ष्य जुटाने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी. दुकान की चाबी मृतक के पास ही मिली है.

पुलिस के अनुसार, वारदात दो दिन पहले की बताई जा रही है. खैरथल थाना इलाके के कूमपुर गांव में एक शराब के ठेके में शनिवार रात को आग लगने से वहां कार्यरत झाड़का निवासी सेल्समैन कमलकिशोर (22) की जिंदा जल जाने से मौत हो गई थी. मृतक के भाई रूप सिंह ने इस संबंध में खैरथल थाने में एफआईआर दर्ज कराई है. अपनी प्राथमिकी में उन्‍होंने आरोप लगाया है कि कमलकिशोर ने जब सैलरी मांगी तो उनकी जला कर हत्या कर दी गई.


मृतक के भाई रूप सिंह ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार सुभाष और राकेश यादव शनिवार शाम को कमलकिशोर को बुलाकर ले गए थे. बाद में रात में पेट्रोल छिड़ककर दुकान को आग के हवाले कर दिया. इससे कमलकिशोर की मौत हो गई. रविवार को सुबह आग की सूचना पर सभी वहां पहुंचे तो देखा की शटर बंद था. शटर खोला तो अंदर का दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए. पूरी दुकान जली हुई थी और उनका भाई डीप फ्रीज के अंदर मृत पड़ा था. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को खैरथल सैटेलाइट अस्पताल में रखवाया. वहां परिजन ठेकेदार की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे. दिनभर विवाद के बाद शाम को पुलिस की समझाइश करने के बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया गया था. मृृतक का भाई
रूप सिंह का आरोप है कि कमलकिशोर करीब 5 महीने से ठेके पर सेल्समैन का काम कर रहा था. इस अंतराल में वह पहली बार रात को ठेके पर रुका था. उसकी पिछली सैलरी बकाया थी. इसलिए वह घर पर आ गया था. शनिवार शाम को ठेकेदार और उसके साथी घर आये और कमल किशोर को अपने साथ ले गए थे. परिजनों ने आरोप लगाया है कि ठेके के पीछे की ओर छेद से पेट्रोल या अल्कोहल छिड़क कर आग लगाई गई है. आग फैलने के बाद उसका भाई जान बचाने के लिए डीप फ्रिज में गया, जहां उसकी जिन्दा जलने से मौत हो गई. शराब के ठेके में आग लगने के बाद से ही ठेकेदार सुभाष और राकेश यादव फरार हैं. दुकान में लाखों का माल जलने के बाद भी वे सामने नहीं आए.




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